नमस्ते! अगर आप 2026 में TVS iQube Subsidy 2026 UP के बारे में जानना चाहते हैं और उत्तर प्रदेश में रहते हैं, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि सब्सिडी मिलेगी या नहीं, और आखिर कितनी मिलेगी? सच कहूँ तो ज़्यादातर EV buyers इसी पॉइंट पर अटक जाते हैं, क्योंकि ऑन-रोड कीमत काग़ज़ों में कुछ और दिखती है, और सब्सिडी जोड़ते ही पूरा बजट कैलकुलेशन बदल जाता है।
मैंने खुद इस पूरे प्रोसेस को समझने के लिए TVS डीलर से बात की, UP EV सब्सिडी पोर्टल चेक किया और सेंट्रल व स्टेट स्कीम्स को line-by-line पढ़ा, ताकि आपको कोई अधूरी या घुमावदार जानकारी न मिले, बल्कि सीधी, प्रैक्टिकल और काम की डिटेल्स मिल सकें।
2026 में TVS iQube पर दो लेवल पर फायदा मिलने की संभावना बनती है,
- सेंट्रल स्कीम: PM E-DRIVE (FAME का अपडेटेड वर्ज़न)
- स्टेट स्कीम: UP EV Manufacturing & Mobility Policy 2022
यहाँ एक बात समझना बहुत ज़रूरी है।
e2W यानी electric two-wheelers पर सेंट्रल सब्सिडी फिलहाल 31 मार्च 2026 तक ही वैलिड बताई जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश में हाल के अपडेट्स के बाद लोकल मैन्युफैक्चरिंग वाले EVs को प्राथमिकता दी जा रही है, जिस वजह से कुछ मामलों में स्टेट सब्सिडी सीमित या कंडीशनल हो सकती है।
अब आगे हम TVS iQube Subsidy 2026 UP से जुड़ी हर जरूरी चीज़ को step-by-step समझेंगे, एलिजिबिलिटी, कितना अमाउंट मिल सकता है, वैरिएंट-वाइज़ टेबल और पूरा apply process, ताकि खरीद से पहले कोई कन्फ्यूजन न रहे।
Table of Contents
1) सेंट्रल सब्सिडी: PM E-DRIVE स्कीम (2024–2028)
PM E-DRIVE स्कीम, जो FAME का अपडेटेड वर्ज़न मानी जा रही है, electric two-wheelers (e2W) पर बैटरी कैपेसिटी के आधार पर सेंट्रल इंसेंटिव देती है। इस स्कीम में सब्सिडी का कैलकुलेशन बिल्कुल सीधा है:
सब्सिडी फॉर्मूला:
👉 ₹5,000 × बैटरी कैपेसिटी (kWh)
हालांकि, e2W सेगमेंट के लिए इसमें एक upper cap लगाया गया है, यानी जितनी भी कैलकुलेटेड रकम बने, उससे ज़्यादा सब्सिडी नहीं मिलती।
TVS iQube पर सेंट्रल इंसेंटिव (कैप के साथ)
TVS iQube के अलग-अलग वैरिएंट्स पर कैलकुलेशन कुछ इस तरह बनता है:
- 2.2 kWh बैटरी वैरिएंट
₹5,000 × 2.2 = ₹11,000
👉 लेकिन कैप की वजह से फाइनल सब्सिडी ₹10,000 - 3.5 kWh बैटरी वैरिएंट
₹5,000 × 3.5 = ₹17,500
👉 कैप लागू → ₹10,000 ही मिलेंगे - iQube ST (5.3 kWh बैटरी)
₹5,000 × 5.3 = ₹26,500
👉 यहाँ भी कैप के कारण ₹10,000 तक सीमित
यानि बैटरी बड़ी होने के बावजूद, सेंट्रल सब्सिडी एक तय लिमिट से आगे नहीं जाती।
सेंट्रल सब्सिडी की कैप डिटेल्स
- मैक्सिमम सब्सिडी: ₹10,000 प्रति स्कूटर
- लिमिट: स्कूटर के ex-factory price का अधिकतम 15%
इसका मतलब साफ है, चाहे वैरिएंट कोई भी हो, TVS iQube पर सेंट्रल लेवल पर इससे ज़्यादा फायदा नहीं मिलेगा।
अपडेट नोट (जनवरी 2026)
जनवरी 2026 में कुछ TVS डीलर्स ने यह कन्फर्म किया है कि ₹5,000 से ₹10,000 तक की सेंट्रल सेविंग्स अभी भी मिल रही हैं।
लेकिन एक रियलिटी चेक ज़रूरी है।
प्रैक्टिकल सलाह:
अगर आप TVS iQube 2026 में खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो booking और डॉक्युमेंटेशन जल्दी पूरा करना ज़्यादा सेफ रहता है।
2) UP स्टेट सब्सिडी: UP EV Manufacturing & Mobility Policy 2022
उत्तर प्रदेश सरकार की UP EV Manufacturing & Mobility Policy 2022 के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (e2W) पर सब्सिडी दी जाती है। इस पॉलिसी के अनुसार, सरकार ex-factory price का 15% तक इंसेंटिव देती है, जिसे ₹5,000 प्रति स्कूटर पर कैप किया गया है। लेकिन यहाँ एक अहम अपडेट समझना ज़रूरी है।
नवंबर 2025 के बाद क्या बदला?
नवंबर 2025 में आए लेटेस्ट अपडेट्स के बाद UP सरकार ने स्टेट लेवल बेनिफिट्स को थोड़ा री-फोकस कर दिया है। अब:
- स्टेट सब्सिडी
- रोड टैक्स में छूट
- रजिस्ट्रेशन फीस वेवर
इन तीनों का फायदा मुख्य रूप से लोकल-मैन्युफैक्चर्ड EVs (यानी UP में बने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है। यही वजह है कि TVS iQube, जिसका मैन्युफैक्चरिंग बेस उत्तर प्रदेश के बाहर माना जाता है, उस पर UP स्टेट सब्सिडी कंडीशनल हो सकती है। इसका मतलब ये नहीं कि सब्सिडी मिलेगी ही नहीं, लेकिन 100% कन्फर्मेशन के लिए ऑफिशियल UP EV सब्सिडी पोर्टल पर स्टेटस चेक करना ज़रूरी हो जाता है। UP EV policy और subsidy eligibility को समझने के लिए Removable Battery Electric Scooter – इंडिया के टॉप मॉडल्स (2025) useful reference बनता है।
सब्सिडी अमाउंट (अगर एलिजिबल हुए तो)
- UP स्टेट सब्सिडी: ₹5,000 (फिक्स्ड कैप)
अतिरिक्त बेनिफिट्स क्या मिल सकते हैं?
अगर वाहन स्टेट पॉलिसी के तहत एलिजिबल माना गया, तो सब्सिडी के अलावा ये फायदे भी मिल सकते हैं:
- रोड टैक्स पर 100% छूट (आमतौर पर 1 से 2 साल के लिए)
- रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ
इन सबको जोड़कर देखें, तो कुल सेविंग्स ₹10,000 से ₹15,000 तक पहुँच सकती हैं, जो ऑन-रोड कीमत को काफ़ी हद तक नीचे ले आती हैं।
प्रैक्टिकल सलाह:
TVS iQube खरीदने से पहले सिर्फ डीलर की बात पर भरोसा न करें। एक बार खुद UP EV सब्सिडी पोर्टल पर जाकर लेटेस्ट एलिजिबिलिटी और नोटिफिकेशन ज़रूर चेक कर लें, यहीं पर सबसे क्लियर तस्वीर मिलती है।
3) TVS iQube – वैरिएंट-वाइज़ सब्सिडी डिटेल्स (2026 अनुमान)

नीचे दी गई जानकारी जनवरी 2026 के आसपास चल रहे ऑफर्स और मौजूदा पॉलिसी गाइडलाइंस पर आधारित है। ध्यान रखें कि UP में लोकल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े नियम बदल रहे हैं, इसलिए स्टेट सब्सिडी हर केस में मिले, ये ज़रूरी नहीं। खरीद से पहले ऑफिशियल पोर्टल या डीलर से कन्फर्म करना समझदारी रहेगी।
TVS iQube Subsidy Breakdown (Variant-wise)
| वैरिएंट (बैटरी साइज) | एक्स-शोरूम कीमत (₹ लाख) | सेंट्रल सब्सिडी (PM E-DRIVE) | UP स्टेट सब्सिडी* | कुल अनुमानित सेविंग | किसके लिए सही |
|---|---|---|---|---|---|
| iQube 2.2 kWh | 1.08 – 1.15 | ₹10,000 | ₹5,000 | ₹15,000 | डेली ~40 km सिटी यूज़ |
| iQube 3.5 kWh | 1.25 – 1.35 | ₹10,000 | ₹5,000 | ₹15,000 | बेहतर रेंज, ~145 km (IDC) |
| iQube ST 5.3 kWh | 1.45 – 1.55 | ₹10,000 | ₹5,000 | ₹15,000 | टॉप वैरिएंट, ज्यादा फीचर्स |
TVS iQube के battery variants, range और pricing की official details TVS की official website पर available हैं।
* नोट: UP स्टेट सब्सिडी पूरी तरह एलिजिबिलिटी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग नियमों पर निर्भर करती है। कुछ मामलों में सिर्फ सेंट्रल सब्सिडी ही लागू हो सकती है।
4) एलिजिबिलिटी और Apply Process
सब्सिडी का फायदा तभी मिलता है जब आपकी प्रोफाइल और डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह से नियमों में फिट बैठते हों। नीचे मैं आसान भाषा में बता रहा हूँ कि कौन एलिजिबल है और apply कैसे करना है, ताकि बाद में कोई कन्फ्यूजन न रहे।
एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए?
सबसे पहले ये चेक कर लो कि आप बेसिक शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं:
- स्कूटर बिल्कुल नया EV होना चाहिए और उसका रजिस्ट्रेशन 2026 में हुआ हो
- आपका Aadhaar मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए और e-KYC पूरा होना ज़रूरी है
- खरीदार उत्तर प्रदेश का निवासी हो और खरीद individual नाम पर की गई हो
- कुछ मामलों में पहली EV खरीद को प्राथमिकता मिलती है
- लोकल-मैन्युफैक्चरिंग नियम अहम हैं, क्योंकि TVS iQube UP में मैन्युफैक्चर नहीं होती, इसलिए स्टेट सब्सिडी कंडीशनल हो सकती है
यहीं पर ज़्यादातर लोग गलती करते हैं, बिना eligibility चेक किए खरीद कर लेते हैं और बाद में सब्सिडी अटक जाती है।
Apply कैसे करें? (Step-by-Step)
अगर eligibility clear है, तो process इतना मुश्किल नहीं है, बस सही order में करना ज़रूरी है।
- TVS डीलर से बुकिंग करें
- Invoice में नाम, पता, मोबाइल नंबर और बैटरी डिटेल्स बिल्कुल सही हों
- छोटी spelling mistake भी बाद में delay करा सकती है
- UP EV Subsidy Portal पर रजिस्ट्रेशन करें
- यहाँ buyer खुद apply करता है
- Successful registration के बाद e-voucher generate होता है
- PM E-DRIVE पोर्टल पर आवेदन
- इस स्टेप में आमतौर पर डीलर e-voucher अपलोड करता है
- Buyer को सिर्फ follow-up करना होता है
- सब्सिडी का पैसा बैंक अकाउंट में
- Approval के बाद अमाउंट सीधे आपके बैंक अकाउंट में आता है
- आम तौर पर 30 दिन लगते हैं, लेकिन कभी-कभी 45–60 दिन भी हो सकते हैं
डेडलाइन ध्यान में रखें
- सेंट्रल e2W सब्सिडी (PM E-DRIVE):
👉 31 मार्च 2026 तक ही वैलिड - UP EV Policy:
👉 फिलहाल 2027 तक लागू है, लेकिन नियमों में बदलाव संभव है। इसलिए खरीद से पहले और apply करते समय लेटेस्ट अपडेट्स ऑफिशियल पोर्टल पर ज़रूर चेक करते रहें।
5) फायदे और रियल-वर्ल्ड असर (Ground Reality)
अगर सेंट्रल और स्टेट दोनों स्कीम्स का फायदा मिल जाता है, तो कुल मिलाकर ₹15,000 से ₹20,000 तक की सीधी बचत निकल आती है। यही वो पॉइंट है जहाँ EV खरीद अचानक “महँगी” नहीं लगती।
इस सब्सिडी का असर ऑन-रोड प्राइस पर साफ दिखता है। जो स्कूटर पहले करीब ₹1.15 लाख का पड़ता है, वही सही टाइम पर बुकिंग और अप्रूवल के बाद ₹1.0 लाख के आसपास आ जाता है, और ये फर्क रोज़मर्रा के बजट में महसूस होता है।
ऊपर से, कई डीलरशिप्स पर ₹4,000 तक का कैशबैक या extended warranty जैसे ब्रांड ऑफर्स भी चल रहे हैं, जो कुल वैल्यू को और बेहतर बना देते हैं।
हाँ, एक practical चैलेंज ज़रूर है, लोकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर क्लैरिटी। इसी वजह से मेरा सीधा सुझाव यही रहेगा: अगर आप खरीदने का मन बना चुके हैं, तो जल्दी बुकिंग करना ज़्यादा safe ऑप्शन है, ताकि सब्सिडी का फायदा हाथ से न निकले। Ground-level subsidy approval और delays पर Reddit EV India forums में real user experiences मिल जाते हैं।
निष्कर्ष: 2026 में UP में TVS iQube लेना कितना समझदारी भरा है?
अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और 2026 में TVS iQube खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो ये समझना ज़रूरी है कि सेंट्रल सब्सिडी समय-सीमित है। वहीं, UP स्टेट सब्सिडी कुछ शर्तों पर ही लागू हो सकती है, खासकर लोकल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े नियमों के कारण। इसलिए बुकिंग से पहले ऑफिशियल EV सब्सिडी पोर्टल पर अपनी एलिजिबिलिटी और स्टेटस ज़रूर चेक करें।
अगर सही टाइमिंग पर आवेदन किया जाए और डॉक्युमेंट्स में कोई गलती न हो, तो ₹15,000 तक की सेविंग पूरी तरह संभव और प्रैक्टिकल है, ये सिर्फ कागज़ी फायदा नहीं है। लेटेस्ट अपडेट्स के लिए ऑफिशियल पोर्टल देखते रहें। और अगर अभी भी कोई कन्फ्यूज़न या सवाल है, तो कमेंट में पूछिए, मैं ज़रूर रिप्लाई करूँगा।
अगर आप lightweight और subsidy-friendly EVs देख रहे हैं, तो Electric Scooters for Women India 2025 वाला article भी practical comparison देता है।
6) FAQs – TVS iQube Subsidy 2026 UP से जुड़े आम सवाल
Q1. UP में TVS iQube पर सब्सिडी कब तक मिलेगी?
TVS iQube पर मिलने वाली सेंट्रल सब्सिडी (PM E-DRIVE स्कीम) फिलहाल 31 मार्च 2026 तक वैलिड है। वहीं, UP स्टेट EV पॉलिसी 2027 तक लागू है।
लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि UP सरकार ने हाल के अपडेट्स में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी है, इसलिए स्टेट सब्सिडी के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। खरीद से पहले ऑफिशियल पोर्टल पर लेटेस्ट स्टेटस ज़रूर चेक करें।
Q2. 2.2 kWh TVS iQube पर कुल कितनी सब्सिडी मिलेगी?
अगर आप 2.2 kWh बैटरी वाला TVS iQube खरीदते हैं और सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो:
सेंट्रल सब्सिडी: ₹10,000
UP स्टेट सब्सिडी: ₹5,000
यानि कुल मिलाकर ₹15,000 तक की छूट मिल सकती है। हालांकि, UP स्टेट सब्सिडी एलिजिबिलिटी और लोकल रूल्स पर निर्भर करती है, इसलिए फाइनल अमाउंट डीलर और पोर्टल से कन्फर्म करना ज़रूरी है।
Q3. Aadhaar e-KYC कैसे करें, ताकि सब्सिडी में दिक्कत न आए?
Aadhaar e-KYC करना काफ़ी आसान है। आप UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपना मोबाइल नंबर Aadhaar से लिंक कर सकते हैं और e-KYC पूरा कर सकते हैं। इसके बाद Aadhaar, बैंक डिटेल्स और अन्य जरूरी डॉक्युमेंट्स को EV सब्सिडी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। गलत डिटेल या मिसमैच होने पर सब्सिडी में देरी हो सकती है, इसलिए जानकारी ध्यान से भरें।
Q4. क्या UP में EV चार्जिंग पर भी कोई सब्सिडी मिलती है?
हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार EV को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सपोर्ट देती है। नीतियों के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन या होम/कमर्शियल चार्जिंग सेटअप पर लगभग 20% तक की कैपिटल सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि ये सुविधा सभी के लिए नहीं होती और इसके अलग नियम व शर्तें हैं, इसलिए आवेदन से पहले स्कीम डिटेल्स ज़रूर पढ़ें।
EV की real running cost और charging savings समझने के लिए Electric Scooter Charging Tips India article ज़रूर पढ़ना चाहिए।
Disclaimer
यह जानकारी रिसर्च और Personal Experience पर आधारित है। EV subsidy rules समय-समय पर बदल सकते हैं। Latest Updates के लिए हमेशा Official UP EV portal या authorized dealer से confirm करें।







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