कुछ दिन पहले मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा — “भाई, Electric Bike लूँ या Petrol Bike? कौन ज़्यादा सही रहेगा लंबे टाइम के लिए?” पहले तो मैं भी सोच में पड़ गया। क्योंकि सच कहूँ तो, जब आप electric bike vs petrol bike की बात करते हैं, तो सिर्फ एक “bike” नहीं, बल्कि lाइफस्टाइल और खर्च के पैटर्न बदलने की बात करते हैं।
आज के टाइम में fuel prices लगातार बढ़ रहे हैं। एक तरफ पेट्रोल ₹110/Litre पार जा चुका है, वहीं electric bikes सिर्फ ₹1-₹2/km में चल जाती हैं। लेकिन क्या इसका मतलब है कि हर किसी को Electric लेना चाहिए? या Petrol bike अभी भी भरोसेमंद और practical है?
इस आर्टिकल में हम इसी पर बात करेंगे —
- माइलेज और कॉस्ट का फर्क,
- मेंटेनेंस खर्च,
- लॉन्ग-टर्म वैल्यू,
- और रियल-यूज़र एक्सपीरियंस।
तो चलो शुरू करते हैं — बिना किसी भारी-भरकम टेक्निकल टर्म्स के, बिल्कुल आसान भाषा में।
“अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर के विकल्प देख रहे हैं तो हमारे Types of Batteries in EV 2025 गाइड में पूरी जानकारी पढ़ें।”
Table of Contents
Electric Bike vs Petrol Bike: एक झलक में Comparison

| Feature | Electric Bike (EV) | Petrol Bike |
|---|---|---|
| Initial Cost (Purchase Price) | ₹1 लाख – ₹1.8 लाख | ₹85 हजार – ₹1.5 लाख |
| Running Cost (per km) | ₹1 – ₹1.5/km | ₹3 – ₹4/km |
| Mileage / Range | 100 – 150 km per charge | 45 – 60 km/litre |
| Maintenance Cost (Yearly) | ₹1,500 – ₹3,000 | ₹4,000 – ₹6,000 |
| Fuel / Charging Time | 4–5 घंटे चार्जिंग | 5 मिनट फ्यूल भरना |
| Battery Life | 3–5 साल (depends on usage) | N/A |
| Environmental Impact | Zero Tailpipe Emission | CO₂ Emission |
| Ideal For | City commute, daily use | Long-distance, quick refuel |
1. Electric bike vs Petrol bike खरीदते वक्त कौन सस्ता पड़ता है?
पहली नज़र में लगता है कि petrol bike सस्ती है, क्योंकि इसका initial price थोड़ा कम है। लेकिन अगर आप long-term ownership cost देखें, तो Electric bike फायदे में है।
उदाहरण के लिए –
अगर आप Revolt RV400 या Ola S1 Air जैसी bike लेते हैं, तो upfront cost ₹1.3 लाख के आसपास होगी। वहीं Hero Splendor Plus जैसी petrol bike ₹95,000 में मिल जाती है।
लेकिन अब सोचो, एक साल में आप पेट्रोल पर ₹10,000–₹12,000 खर्च कर देते हैं। EV में ये खर्च घटकर सिर्फ ₹2,000–₹3,000 रह जाता है। यानि long term में electric bike आपको ₹50,000+ तक बचा सकती है।
“EV इंडस्ट्री सिर्फ वाहन नहीं, निवेश का अवसर भी है – देखें Top EV Stocks India 2025।”
2. माइलेज और रनिंग कॉस्ट – किसकी जेब हल्की नहीं करती?
अगर pure running cost comparison करें:
- Electric bike: ₹1/km
- Petrol bike: ₹3.5/km
मान लीजिए आप रोज़ 40 km चलते हैं, तो एक साल (12 महीने) में लगभग 14,600 km कवर करते हैं।
अब देखिए खर्च का फर्क:
| प्रकार | सालाना खर्च (Approx.) |
|---|---|
| Electric Bike | ₹14,600 × ₹1 = ₹14,600 |
| Petrol Bike | ₹14,600 × ₹3.5 = ₹51,100 |
यानि हर साल लगभग ₹36,000 की बचत, सिर्फ फ्यूल पर! और यही बात EVs को “cost-effective commuting solution” बनाती है।
“Revolt Motors रिपोर्ट के मुताबिक electric bikes maintenance और running cost में आगे हैं।”
3. मेंटेनेंस कॉस्ट – कौन ज़्यादा झंझट वाला है?
Petrol bikes में moving parts ज़्यादा होते हैं — इंजन, गियरबॉक्स, क्लच, ऑयल, फिल्टर आदि। हर कुछ महीनों में सर्विस करवाना जरूरी होता है। Electric bikes में न इंजन है, न ऑयल। बस मोटर और बैटरी — और दोनों कम खराब होते हैं।
Average maintenance comparison:
| Service Aspect | Electric Bike | Petrol Bike |
|---|---|---|
| Oil Change | ❌ | हर 2-3 महीने |
| Air Filter | ❌ | हर 5000 km |
| Chain Adjustment | ✅ | ✅ |
| Brake Pad | ✅ | ✅ |
| Annual Maintenance | ₹1500 – ₹3000 | ₹4000 – ₹6000 |
EV clearly जीतती है maintenance में — कम पार्ट्स, कम दिक्कतें।
“अपनी बाइक या कार के इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेस को समझने के लिए पढ़ें How to Claim Car Insurance।”
4. Eco-Friendly Factor – Green Future की ओर कदम
ये बात अब कोई secret नहीं कि electric vehicle pollution को काफी reduce करते हैं। जहां एक petrol bike 1 km में लगभग 40–50 ग्राम CO₂ छोड़ती है, वहीं electric bike zero tailpipe emission देती है। भारत सरकार भी EV adoption बढ़ाने के लिए FAME II जैसी schemes चला रही है। और 2030 तक target है कि देश की 30% गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों।
अगर आप nature-conscious rider हैं, तो EV आपके लिए एक जिम्मेदार चुनाव है।
भारत सरकार की EV Policy 2030 इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
5. Performance और Ride Experience
कई लोग सोचते हैं कि Electric bike का pickup dull होता है — लेकिन ऐसा अब नहीं है। Ola S1 Pro, Ather 450X, TVS iQube, और Revolt RV400 जैसी models instant torque देती हैं, जिससे pickup petrol bikes से तेज़ होता है।
Petrol bikes में advantage यह है कि highway या long drive पर consistent power delivery मिलता है। EVs city traffic में shine करती हैं, लेकिन rural या long-distance travel के लिए अभी charging network उतना मजबूत नहीं है।
6. Charging Time और Infrastructure
Petrol भरने में 5 मिनट लगते हैं, EV चार्ज करने में 4-6 घंटे। हालांकि अब fast charging और battery swap stations का ट्रेंड बढ़ रहा है।
Delhi, Bangalore, और Pune जैसे शहरों में battery swapping infrastructure तेज़ी से बढ़ रहा है — मतलब आप पुरानी बैटरी निकालकर नई full-charged battery लगा सकते हैं, और 2 मिनट में चल पड़ते हैं।
7. Insurance और Resale Value
Insurance cost EV के लिए थोड़ा सस्ता होता है, क्योंकि पार्ट्स कम और repair easy होते हैं। लेकिन resale value में अभी petrol bikes आगे हैं, क्योंकि EV market नया है। Future में जैसे-जैसे adoption बढ़ेगा, EV resale भी stabilize हो जाएगा।
कौन सी बाइक किसके लिए?
| Rider Type | Recommendation |
|---|---|
| Daily Office Commuter | Electric Bike – कम खर्च, साइलेंट राइड |
| Long Distance Traveller | Petrol Bike – हाईवे और villages के लिए बेहतर |
| Eco-friendly Rider | Electric Bike – Zero emission advantage |
| Budget Buyer | Petrol Bike – Initial cost कम |
| Tech Enthusiast | Electric Bike – Smart features & connectivity |
निष्कर्ष – कौन सी बाइक बेहतर?
अब सवाल यही है — Electric Bike vs Petrol Bike, आखिर कौन जीती?
अगर आप city user, short-distance commuter या monthly fuel cost से परेशान हैं — तो Electric bike definitely smart option है। लेकिन अगर आप लंबे रूट्स पर जाते हैं, और villages या highways में चार्जिंग की सुविधा कम है — तो फिलहाल petrol bike practical रहेगी।
भविष्य electric का है, लेकिन फिलहाल दोनों का अपना charm है। मेरा मानना है कि “एक समझदार rider वही है जो अपनी जरूरत और budget के हिसाब से फैसला ले।”
FAQs: Electric Bike vs Petrol Bike से जुड़े आम सवाल
Q1. क्या Electric bikes long distance travel के लिए सही हैं?
EV bikes city और short commutes के लिए perfect हैं। Long rides के लिए अभी charging stations सीमित हैं, लेकिन fast charging और battery swapping से स्थिति सुधर रही है।
“Yulu Blog बताता है कि urban riders के लिए electric bikes बेहतर option बन चुकी हैं।”
Q2. Electric bike की battery life कितनी होती है?
अच्छी quality की Lithium-ion battery 3–5 साल तक चलती है, और उसके बाद replacement cost लगभग ₹30,000–₹40,000 होती है।
Q3. क्या Electric bikes maintenance free होती हैं?
पूरी तरह नहीं, लेकिन petrol bikes के मुकाबले बहुत कम maintenance चाहिए। Brake pads, chain, और tyre wear common हैं।
Q4. क्या Electric bike पर insurance जरूरी है?
हाँ, बिल्कुल। जैसे petrol bikes के लिए third-party insurance जरूरी है, वैसे ही EV के लिए भी motor insurance policy जरूरी है।
Q5. क्या EVs में government subsidy मिलती है?
हाँ, FAME II scheme के तहत भारत सरकार ₹10,000 – ₹20,000 तक की subsidy देती है (model और battery capacity के अनुसार)।
Q6. क्या Electric bike का resale value अच्छा है?
अभी नहीं, लेकिन brand reputation और battery warranty के हिसाब से future में EV resale improve हो रहा है।
Disclaimer
यह जानकारी 2025 के लेटेस्ट EV और ऑटोमोबाइल डेटा पर आधारित है। समय के साथ कीमतें, subsidies और charging infrastructure बदल सकते हैं। खरीदारी से पहले हमेशा अपने dealer या official brand वेबसाइट से confirm करें।







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